Khatu shyam mandir rajasthan

भारत में ऐसे तो बहुत सारे मंदिर उपस्थित हैं। जहां पर लोगों का जमावड़ा काफी ज्यादा देखने को मिलता है, जिसमें से एक बहुत ही फेमस मंदिर, जिसका नाम “खाटू श्याम” है। वह भारत के विभिन्न लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आज हम आपको इस आर्टिकल में खाटू श्याम मंदिर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बिंदु, जैसे खाटू श्याम मंदिर राजस्थान, खाटू श्याम मंदिर का इतिहास, खाटू श्याम मंदिर का खुलने का समय और खाटू श्याम मंदिर की आरती का समय, के बारे में संपूर्ण ज्ञान देने वाले हैं। तो कृपया इस आर्टिकल को पूरे ध्यान से पढ़ें,चलिए शुरू करते हैं।

खाटू श्याम मंदिर राजस्थान (khatu shyam mandir Rajasthan):

खाटू श्याम मंदिर भारत के राजस्थान राज्य में स्थित है। जो सीकर जिले के “खाटू” नमक गांव में उपस्थित है। मान्यता है कि, इस मंदिर का रहस्य महाभारत काल से जुड़ा हुआ है, जब भगवान श्री कृष्ण ने बर्बरीक को युद्ध में भाग न लेने की सलाह दी थी। क्योंकि भगवान श्री कृष्ण का मानना था कि, अगर बर्बरीक युद्ध में भाग लेता तो युद्ध में दोनों पक्ष का विनाश हो सकता था। इसलिए श्री कृष्ण में उसका सिर काट कर एक पर्वत पर स्थापित कर दिया, ताकि बर्बरीक सिर्फ युद्ध को देख सके बस उस धर्म युद्ध में भाग न ले सके।
तभी से भगवान श्री कृष्ण ने उसे यहां पूजे जाने का वरदान दिया था। जिसके पश्चात उसका नाम “श्याम” पड़ा। तभी से इस जगह को खाटू श्याम के नाम से जाना जाता है। हिंदुओं के लिए यह मंदिर बहुत ज्यादा विशेष रखता है। जिसकी दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। बता दें,कि इस मंदिर की भव्यता और सुंदरता इतनी ज्यादा है, कि यह सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। जो भी भक्त इनके दरबार में अपनी समस्या को लेकर जाते हैं, उनकी मनोकामना जरुर पूरी होती है।

खाटू श्याम मंदिर का इतिहास (History of khatu shyam temple):खाटू श्याम मंदिर का इतिहास लगभग 1000 साल पुराना है। कहां जाता है, कि इस मंदिर की आधार पहली बार 1027 ई में खोजी गई थी। जिस जगह मंदिर का आधार मिला था, वहां एक गाय अपना दूध गिराए करती थी। जिससे लोगों के मन में कुछ शंका प्रस्तुत हुई, लोगों को जानना था, कि इस जगह ऐसा क्या है, जो गाय अपना दूध गिरा रही है। उसके बाद उस जगह पर खुदाई की गई तो, वहां एक शीश प्राप्त हुआ।

Khatu shyam mandir rajasthan

जिसका संबंध महाभारत के युद्ध के समय योद्धा वीर बर्बरीक से जोड़ा जाता है। जिसे भगवान श्री कृष्ण ने काट दिया था। और आदेश दिया था, कि तुम बस युद्ध को देखोगे उसमें युद्ध में भाग नहीं लोगे, नहीं तो युद्ध का संतुलन बिगड़ सकता है। खाटू ग्राम में बर्बरीक का शीश मिलने के पश्चात उस शीश को एक ब्राह्मण को दिखाया गया। और उसी समय गांव के मुखिया को स्वप्न में वहां मंदिर बनाने का आदेश मिला। जो वह राजा रूप सिंह को बताई गई। जिसके पश्चात रूप सिंह ने वहां मंदिर बनवाने का निर्णय लिया। जो 1720 ई में बनकर पूर्ण हुआ। तभी से इस मंदिर को खाटू श्याम के नाम से जाना जाता है।

खाटू श्याम मंदिर खुलने का समय( khatu shyam mandir khulne ka samay): खाटू श्याम मंदिर अलग – अलग मौसम में अलग – अलग समय पर खोला जाता है। अगर हम शर्दी की मौसम की बात करें तो, यह सुबह के 5:30 पर खोला जाता हैं। और वही इसकी गर्मी के मौसम में बात करें, तो इसको सुबह के 4:30 पर खोल दिया जाता है। वैसे शर्दी के मौसम में मंदिर का कपाट 9:00 बजे बंद कर दिया जाता है। और गर्मी में इसको 10:00 बंद किया जाता हैं।

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खाटू श्याम मंदिर की आरती का समय ( khatu shyam mandir ke aarti ka samay):खाटू श्याम मंदिर की आरती शर्दी और गर्मी के मौसम में अलग-अलग समय पर होती है। शर्दी में इनकी सबसे पहली आरती जिसे मंगला आरती कहा जाता है। वह सुबह 5:30 बजे की जाती है। और वही श्रृंगार आरती की बात करें, तो सुबह 8:00 बजे की जाती है। खाटू श्याम मंदिर की भोग आरती बहुत महत्पूर्ण आरती के रूप में देखा जाता है। जो दोपहर 12:30 बजे की आती है। इसके साथ ही खाटू श्याम की संध्या आरती को 6:15 पर की जाती है। भक्तों को खाटू श्याम की दर्शन के बाद इसकी शयन आरती रात के समय 9:00 बजे की जाती है। शयन आरती के बाद मंदिर के कपाट को पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है।

हम आपको इस आर्टिकल में खाटू श्याम मंदिर के बारे में संपूर्ण जानकारी दिए है। आशा करते हैं, कि आपको मंदिर से जुड़े विभिन्न जानकारी जैसे की खाटू श्याम मंदिर राजस्थान, खाटू श्याम मंदिर का इतिहास, खाटू श्याम मंदिर का खुलने का समय और खाटू श्याम मंदिर की आरती का समय के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई होगी। अगर आपके मन में खाटू श्याम मंदिर को लेकर कोई संभावना रही होगी, तो यह आर्टिकल आपको पूर्ण जानकारी की दिया होगा। हमारा मानना है कि, हर एक भक्त को संपूर्ण जानकारी मिलनी जरूरी है, अगर हमारा आर्टिकल आपको पसंद आया हो तो, अपने उन दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, जो खाटू श्याम की दर्शन करना चाहते हो।

By Meenakshi Thakur

Meenakshi Thakur, having 6 Years of Experience in Digital Marketing and Content Writing. I am free to write all types of niche content for websites and blogs. I am passionate about all of the work! I really like to explore the latest tricks in technical areas and develop case studies.

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