20 main places to visit in Varanasi, banaras

20 main places to visit in Varanasi, banaras

वाराणसी भारत के जाने वाले शहरों में से एक है को उत्तर प्रदेश के राज्य में पड़ता है यह आपने धार्मिक स्थलों और संस्कृति के लिए जाना जाता है। जिसे काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है,  वाराणसी भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्राचीनतम प्रतीक है। जबकि यह शहर गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है और हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र स्थानों में से एक  है। यह शहर न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण  है। जो पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार के आकर्षण का केंद्र  हैं, जिनमें घाट, मंदिर, संग्रहालय, किले, और ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं। यदि आप वाराणसी में घूमने (banaras ghumne ki jagah) का सोच रहे हैं, तो यहां पर हम आपको कुछ प्रमुख  स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं तो कृपया इस आर्टिकल को अच्छे से पढ़े। 

बनारस घूमने की 20 प्रमुख जगहें | 20 main places to visit in Varanasi: 

  1. काशी विश्वनाथ मंदिर ( Kashi Vishwanath Temple in Varanasi):

काशी विश्वनाथ मंदिर, जो भगवान शिव के रूप में जाने जाने वाला  प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थल में से एक है और यहां हर दिन लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह मंदिर गंगा नदी के किनारे स्थित है जो की इस मंदिर को  हिन्दू धर्म में इसका अत्यधिक महत्व माना जाता है।  हम आपको बता दे की काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास 2000 वर्षों पुराना है, को  भारतीय धर्म और संस्कृति का एक अभिन्न अंग के रूप में पूजा जाता है।

kashi vishwanath temple

यह हिंदू धर्म में भगवान शिव का 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है जो काशी विश्वनाथ के रूप में जाना जाता है। इतना ही नही  यह स्थान देव दीवाली के रूप में भी पूजा जाता है। शास्त्रों से के द्वारा सारे देवी देवता काशी के घाट पर दिवाली मानने आते है। जिसके अवसर पे देश – विदेश के लाखो श्रद्धालु इस दिवाली में भाग लेते है। इसके साथ ही पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को भी मिलती है। अगर आप वाराणसी घूमने जा रहें है तो बिना काशी विश्वनाथ का दर्शन किए न जाए। 

  1. दशाश्वमेध घाट ( Dashameshwar Ghat in Varanasi): 

दशाश्वमेध घाट, वाराणसी का सबसे प्रमुख और सबसे व्यस्त घाटों में से एक है। यह घाट हर समय श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भरा रहता है। क्योंकि इस घाट पर गंगा आरती की जाती है। जो हर सुबह – शाम को गंगा जी की किनारे आरती का आयोजन किया जाता है, जो एक अद्वितीय अनुभव है। यह आरती सूर्योदय और सूर्यास्त के समय होती है और इस दौरान घाट की सुंदरता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्वितीय अनुभव होता है। जिसका दर्शन करने के लिए लाखों श्रद्धालु आरती में सामिल होते हैं।

  1. सारनाथ (Sarnath Temple): 

 वाराणसी भोले नाथ की नगरी कही जाती हैं जो हिंदू धर्मो के संबंधित है  परंतु सारनाथ एक ऐसा स्थान हैं जहां  बौद्ध धर्म के लोग भी सम्मिलित होते हैं सारनाथ बौद्ध  धर्मो (Sarnath Temple for Budhiest in varanasi) के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है। जहां  भगवान बुद्ध ने अपने पहले उपदेश दिए थे। यह स्थल बौद्धों के लिए अत्यधिक पवित्र माना जाता है जबकि यहां आपको बौद्ध मंदिर, स्तूप और संग्रहालय देखने को मिलते हैं। banaras ghumne ki jagah

सारनाथ का ऐतिहासिक महत्व न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे एशिया में माना जाता है। यहाँ बौद्ध धर्म के अनुयायी हर वर्ष बड़ी संख्या में आते हैं। यह स्थान भी घूमने के लिए सबके महत्वपूर्ण स्थान हैं। जब आप वाराणसी आते तो एक बार जरूर सारनाथ का रुख करें। क्योंकि यहां आपको बौद्ध धर्मों के बारे में भी जानकारी मिलेंगी।

  1. मणिकर्णिका घाट (Manikarnika Ghat):

 वाराणसी का मणिकर्णिका घाट एक प्रमुख और पवित्र घाट में से एक है, जिसे ‘श्मशान घाट’ भी कहा जाता है। यहां पर लोग अपने मृतकों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। हिन्दू धर्म में इस घाट का अत्यधिक महत्व देखने को मिलता है, क्योंकि शिव पुराण में यह कहां गया  है कि जिस भी व्यक्ति का मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार होगा, उसकी आत्मा को मुक्ति मिलेगी।

अगर आप हिंदू धर्मो के अंतिम संस्कार के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी लेना चाहते हैं तो एक बार इस घाट का रुख जरूर करें यहां पर हिन्दू धर्म के अंतिम संस्कार की विधियों का अनुभव होता है। 

  1. रामनगर किला (Ramnagar Kila):

 वाराणसी का रामनगर किला, रामनगर क्षेत्र में स्थित है जो रामनगर किला मुग़ल और राजपूत वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण है। किले में एक संग्रहालय भी है, जहां प्राचीन शाही वस्तुएं और कुछ चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। यह किला गंगा नदी के किनारे स्थित है जब इस किले से गंगा और शहर को देखेंगे तो आपको यहां से गंगा का दृश्य अत्यधिक आकर्षक के रूप में दिखाई देगा। 

आप इस आर्टिकल में (Varanasi me ghumne ki jagah) के बारे में पढ़ रहें हैं।

  1. अस्सी घाट (Assi Ghat in Varanasi):

अस्सी घाट, वाराणसी के प्रमुख घाटों में से एक है और यह घाट गंगा नदी के सबसे खूबसूरत घाटों में से एक माना जाता है। यहां लोग पूजा, स्नान, ध्यान, और नाव यात्रा भी करते हैं। जबकि अस्सी घाट पर एक बड़ा शिव मंदिर भी है, जहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है। यह घाट विशेष रूप से शांतिपूर्ण और ध्यान के लिए सबके महत्वपूर्ण स्थल के रूप में जाना जाता है।

Assi Ghat in Varanasi: A Sacred Place of Spiritual Awakening | Incredible India

  1. बीएचयू (Banaras Hindu University)

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) भारत के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक  है। जो varanasi का महत्पूर्ण University के रूप में जानी जाती है। यहां पर पढ़ाई के लिए देश के हर कोने से छात्र आते हैं  इसका कैंपस बहुत विशाल है। यहां स्थित काशी हिन्दू मंदिर, संग्रहालय, और भव्य भवन छात्रों और पर्यटकों के लिए, आकर्षण का केन्द्र माना जाता हैं। विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न संस्कृतियों का संगम देखने को मिलता है और यह स्थान सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

  1. दुर्गा मंदिर ( Durga Temple in Varanasi):

वाराणसी में दुर्गा मंदिर भी एक  प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है और यहां भक्तगण विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान आते हैं। मंदिर का वातावरण बहुत स्वच्छ और शांति से भरपूर रहता है। दुर्गा मंदिर की वास्तुकला बहुत ही शानदार है जहां श्रद्धालु बड़ी मात्रा में उपस्थित होते है और यह धार्मिक पर्यटन के लिए एक आकर्षण का केंद्र है।

  1. कालभैरव मंदिर (Kaalbhairav Temple in Varanasi):

कलभैरव मंदिर वाराणसी में स्थित एक महत्वपूर्ण शिव मंदिरों में से एक है।  इसे काशी के संरक्षक देवता के रूप में पूजा जाता है। कालभैरव रूप भगवान शिव का ही एक प्रतिरूप हैं  यह मंदिर विशेष रूप से शिव भक्तों के लिए महत्वपूर्ण मंदिर है। यहां आने से आपको एक अलग आध्यात्मिक ऊर्जा का अहसास होता है। माना जाता है इसके एक बार दर्शन से मन को शांति तथा दूषित व्यवहार हमेशा के लिए खत्म हो जाते है। बनारस जब भी आए तो कालभैराव मंदिर का दर्शन करना ना भूले।

banaras ghumne ki jagah में से बेस्ट स्थान माना जाता हैं।

  1. श्री काशी माता मंदिर ( Shree Kashi Mata Temple): 

काशी माता मंदिर वाराणसी के पुराने हिस्से में स्थित है और देवी काशी की पूजा के लिए जाना जाता है। यह स्थान हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, और यहां विशेष रूप से महिलाएं पूजा अर्चना करने आती हैं। मान्यता है की माता काशी महिलाओं की सारी समस्या को खत्म करती है। मंदिर की सुंदरता बहुत  ही आकर्षक है और यहां की शांतिपूर्ण वातावरण भक्तों को अधिक भाता है।

  1. चन्द्रेश्वर घाट ( Chandeshwar Ghat):

चन्द्रेश्वर घाट वाराणसी का एक प्रमुख घाट के रूप में जाना जाता है और इसे भी गंगा नदी के किनारे स्थित प्रमुख स्थानों में गिना जाता है। यहां पर हिंदू लोग धार्मिक अनुष्ठान, स्नान और पूजा अर्चना करने आते हैं। चंदेश्वर घाट पर शांति और ध्यान का वातावरण हमेशा से ही बना रहता है।

  1. मान महल (Maan Mahal):

मान महल, वाराणसी का एक ऐतिहासिक महल के रूप में जाना जाता  है, जिस महल को राजा मानसिंह द्वारा बनवाया गया था। यह महल एक पहाड़ी पर स्थित है और यहां से गंगा नदी का दृश्य बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। फिलहाल तो महल की कई हिस्से बिखर तो गए हैं फिर भी मान महल पर्यटन के लिए आकर्षण का केंद्र है। जबकि महल में एक जलाशय और अन्य कई पुराने खंडहर भी उपस्थित हैं, जो पर्यटकों को अधिक आकर्षित करते हैं। Yeh bhi ek best place hai banaras ghumne ki jagah. 

  1. राजेंद्र प्रसाद घाट (Rajendra Prasad Ghat In Varanasi):

राजेंद्र प्रसाद घाट, वाराणसी का एक महत्वपूर्ण घाट है, जो भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेंद्र प्रसाद के द्वारा बनवाया गया हैं जिसका नाम पर भी इस घाट को जाना जाता है।  यह घाट दर्शनीय स्थल के रूप में बहुत प्रसिद्ध है और यहां से गंगा नदी का दृश्य बहुत आकर्षक दिखाई देता  है। यह घाट वाराणसी के अन्य घाटों से थोड़ा शांत और कम भीड़-भाड़ वाला स्थल है।

  1. अलमगीर मस्जिद (Alamgeer Masjid):

वाराणसी का अलमगीर मस्जिद, मुग़ल वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण के रूप में जाना जाता  है यह स्थल मुश्लिम धर्मों के लिए विशेष स्थान हैं  और इसे मुग़ल सम्राट औरंगजेब के द्वारा बनवाया  गया था। यह मस्जिद गंगा नदी के किनारे स्थित है और यहां का शांतिपूर्ण माहौल और सुंदर वास्तुकला देखने को मिलता है। यह मस्जिद भारतीय संस्कृति और इतिहास का अद्वितीय प्रतीक है।

  1. हेरिटेज म्यूज़ियम (Heritage Museum):

वाराणसी के हेरिटेज म्यूज़ियम में आपको भारतीय कला, इतिहास, और संस्कृति के कई अनमोल उदाहरण देखने को मिलते हैं। यहां की पुरानी मूर्तियों, चित्रों, और कागजातों से भारतीय इतिहास की समृद्धि का बखूबी पता चलता है। यह संग्रहालय भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को जानने का बेहतरीन स्थान है। अगर आप भारतीय संस्कृति को विशेष रूप से जानना चाहते है तो हेरिटेज म्यूजियम आपके लिए सबसे महत्पूर्ण स्थान हो सकता है। 

  1. गोविंददेव जी मंदिर (Govind Dev Ji Temple): 

वाराणसी का गोविंददेव मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है और वाराणसी के प्रमुख मंदिरों में से एक है। जो हिंदू धर्मो के लिए विशेष  स्थान के रूप में जाना जाता है। इस मंदिर में कृष्ण भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की जाती है और यहां की भव्यता और शांतिपूर्ण वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करने वाला  है। मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुंदर और अद्भुत रूप से बनाई गई है। Yeh hai banaras ghumne ki jagah ki jagha mei se ek. 

  1. वीर शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्मारक ( Veer Shanker Shah And Raghunath Shah Smarak):

वाराणसी का वीर शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्मारक  वीर स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में बनाया गया था जिन्होंने 1857 की क्रांति में भाग लिया था। यह स्मारक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्से  के रूप में जाना जाता है और यहां पर्यटक स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने आते हैं। हम आपसे आग्रह करते है जब भी आप वाराणसी आए तो जरूर वीर शंकर और रघुनाथ शाह स्मारक पर श्रद्धांजलि जरूर दे।

  1. गुलाब देवी मंदिर (Gulab Devi Temple):

गुलाब देवी मंदिर वाराणसी का एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक स्थल है जो देवी गुलाब की पूजा के लिए समर्पित है। यहां चारो तरह गुलाब की खुशबू आती हैं यह मंदिर वाराणसी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां की वास्तुकला और सुंदरता बहुत ही आकर्षक है।

  1. शिवाला घाट (Shivalay Ghat in Varanasi):

शिवाला घाट, वाराणसी का एक प्रसिद्ध घाट है जहां भक्तगण गंगा स्नान करते हैं और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इस घाट पर स्थित मंदिरों में लोग पूजा अर्चना करते हैं और यह स्थान एक शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करता घाट है। यह घाट गंगा नदी के किनारे स्थित है और खासकर शिवभक्तों के बीच अत्यधिक श्रद्धा का स्थान के रूप में जाना जाता है। शिवाला घाट का नाम भगवान शिव के नाम पर पड़ा है, क्योंकि यहाँ स्थित शिव मंदिर में भक्त अपनी श्रद्धा अर्पित करने आते  हैं। शिवाला घाट का महत्व न केवल धार्मिक दृष्टि से है, बल्कि यह स्थान वाराणसी के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन का भी अभिन्न अंग है।

यहाँ पर विशेष रूप से महाशिवरात्रि और सावन के महीने में भक्तों की भारी भीड़ देखी जाती है। इस घाट पर  भगवान शिवजी की पूजा-अर्चना की जाती है, और यहाँ की वातावरण में शांति और भक्ति का अद्भुत अनुभव होता है। यहाँ पर मंदिरों के अलावा कुछ प्रसिद्ध आश्रम भी स्थित हैं, जो साधना और ध्यान के लिए जाने जाते  हैं।

  1. ललिता घाट (Lalita Ghat In Varanasi):

ललिता घाट, वाराणसी के प्रमुख घाटों में से एक है और यह जगह विशेष रूप से शिव भक्तों और पर्यटकों के लिए जाना जाता है। यहां की सुंदरता  पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ललिता घट पुराने शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित है और खासतौर पर देवी ललिता के प्रति आस्था रखने वाले भक्तों के लिए जाना जाता है। ललिता घाट का नाम देवी ललिता के नाम पर पड़ा है, जो एक प्रमुख हिन्दू देवी मानी जाती हैं। यह घाट काशी के अन्य घाटों से थोड़ी अलग है, क्योंकि यहाँ पर अधिकतर साधु संत, तपस्वी और ध्यान करने आते हैं।

इस घाट पर शांति और साधना का माहौल हमेशा से बना रहता हैं। ललिता घट से गंगा नदी का दृश्य बहुत ही सुंदर दिखाई देता  है, खासकर सूर्यास्त और सूर्योदय के समय,  इस घाट के आसपास कई मंदिर स्थित हैं, जिनमें देवी ललिता का मुख्य मंदिर भी है। साथ ही, यहाँ पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और यज्ञ भी किए जाते हैं। इस घाट पर गंगा आरती के अलावा कई अन्य सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।

Read More :- Salasar Balaji Dham| सालासर बालाजी के नियम

Read More :- Shri Radha Rani Mandir, Barsana

यह है वाराणसी में घूमने (banaras ghumne ki jagah की 20 प्रमुख जगह है जहां पर घूमने पर आपको हिंदू धर्म के विभिन्न प्रकार के ज्ञान प्राप्त होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *