Salasar Balaji Dham| सालासर बालाजी के नियम
हमारे देश में बहुत सारे अच्छे – अच्छे मंदिर है, परन्तु सालासर बालाजी मंदिर एक अद्भुत मंदिर है, जहां पूरे विश्व से श्रद्धालु अपनी समस्याओं को लेकर आते है। लोगों का मानना है कि, इनके दर्शन से बहुत सारी प्रेत आत्माओं और ग्रहों के दुष्प्रभाव से मुक्ति मिलती है। आज हम इस आर्टिकल में सालासर बालाजी मंदिर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने वाले है, जैसे कि सालासर बालाजी मंदिर के नियम, सालासर बालाजी मंदिर का इतिहास और सालासर बालाजी मंदिर के खुलने का समय, इत्यादि बताने वाले है, तो कृपया इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें।
सालासर बालाजी के नियम:
अगर आप सालासर बालाजी मंदिर का दर्शन करना चाहते हैं, तो उनसे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण नियमों को जान लेना आपके लिए आवश्यक हैं। जिसमें से पहला नियम, सालासर बालाजी मंदिर में दर्शन के लिए साफ-सुथरे कपड़े पहन कर अनिवार्य माना जाता है। दूसरा नियम, भक्तों को मंदिर में अर्जी लगाते समय,संकल्प लेना भी अनिवार्य है, जिससे उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। और तीसरा नियम यह है कि, मंदिर के अंदर फोन लेकर जाना सख्त मना हैं। इसके साथ ही कुछ महत्वपूर्ण नियम और भी है जैसे की..
1. अगर आप पहली बार सालासर बालाजी मंदिर में अपनी मन्नत मांगने जाते हैं, तो नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर, और उस पर कलावा बांधना अनिवार्य किया गया है। उसके पश्चात आप अपने सच्चे हृदय मन से अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए मन्नत मांग सकते है।
2. अगर आप बालाजी मंदिर से ध्वनी का भस्म लेकर सीधे अपने माथे पर लगाते हैं, तो इससे पुरानी से पुरानी रोगों का निवारण होता है, और सकारात्मक ऊर्जा आपके अंदर प्रवेश करती है। इसके साथ ही मंदिर के लोहे के कील को ध्वनि के ऊपर घुमाकर अपने घरों के अंदर गाड़ना भी शुभ माना जाता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
3. अगर आप सालासर बालाजी की मंदिर के अंदर प्रवेश करने वाले हैं, तो सबसे पहले आप अपने सर को पूरी तरह से कपड़ो या रुमाल से अच्छे से ढक ले, यानी सलीम भावना से मंदिर में प्रवेश करे। इसके साथ ही, शरीर पर किसी भी प्रकार की चमड़े की वस्तु न पहने, और साथ में कोई भी इलेक्ट्रिक गैजेट को भी अंदर ले जाना सख्त मना किया गया है। कोशिश करें कि, आपके अंदर जाने से, मंदिर परिसर का कोई भी हिस्सा गंदा ना हो, जिसके लिए सालासर बालाजी मंदिर को हर सूरत स्वच्छ बनाए रखने का प्रयास करें।
4. माना जाता है कि, अन्य मंदिरों की भांति सालासर बालाजी मंदिर में प्रसाद का कोई महत्व नहीं होता, क्योंकि यहां पर कुछ ऐसे भी भक्त आते हैं, जिन पर बुरी आत्माओं का कब्जा होता है। इन्हीं कारणों की वजह से सालासर बालाजी मंदिर का प्रसाद नहीं वितरित किया जाता। यहां ये भी मान्यताएं है, कि जब भी आप सालासर बालाजी मंदिर से वापस जा रहे हैं, तो आप पीछे मुड़कर देख नहीं सकते है। इससे होता यह हैं, कि यहां पर स्थित नेगेटिव आत्माएं आपका पीछा करती हुई, घर तक आ सकती हैं। यह कुछ ऐसे नियम बनाए गए है जिनको फॉलो करना बेहद ही जरूरी है।

श्री सालासर बालाजी मंदिर की इतिहास:
माना जाता है कि, श्री सालासर बालाजी मंदिर का इतिहास लगभग 17 वीं शताब्दी में की गई थी। जब एक किसान को अपना खेत जोतते समय, उसे पवन पुत्र हनुमान जी की मूर्ति प्राप्त हुई थी। सालासर बालाजी मंदिर जो, आज के समय में राजस्थान के चेरू जिले में स्थित है। कहां जाता हैं, कि यही के एक महात्मा जिनका नाम मोहनदास जी था, उन्हीं के सपने में हनुमान जी ने दर्शन देकर इस मूर्ति को सालासर ले जाने का आदेश दिया था। तभी से इन्हें सालासर बालाजी के नाम से जाना जाता है। जो आज पूरे विश्व में विख्यात है। जहां संसार के कोने – कोने से लोग अपनी मन्नते लेकर आते हैं।
सालासर बालाजी मंदिर खुलने का समय:
बालाजी मंदिर को सुबह के 4 से 5 बजे के बीच खोल दिस जाता हैं जिसके कुछ समय बाद यानी 7 बजे के आस – पास आरती की जाती है जबकि राजभोग आरती को केवल मंगलवार के दिन सुबह 10:30 पर की जाती है, और शयन आरती रात्रि 10:00 बजे करके मंदिर के सारे कपाट को बंद कर दिया जाता है। हम आपको बता दें, कि मौसम के अनुसार इनकी आरती और कपाट को बंद करने का समय अलग-अलग हो सकता है। वहीं सालासर बालाजी मंदिर का धूप, अर्थात संध्या आरती शाम के 6:00 बजे या 7:00 की जाती है। जिसमें श्रद्धालु अधिक मात्रा में दर्शन करने आते हैं।बालाजी मंदिर में मंगलवार के दिन एक विशेष दिन होता है, जिसमें राजभोग आरती की जाती है। और वही हनुमान जयंती और अन्य बड़े त्योहारों पर बालाजी मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है,और राजभोग आरती की जाती है।
हम इस आर्टिकल में आपको सरासर बालाजी मंदिर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बिंदु जैसे, सरासर बालाजी मंदिर का इतिहास, सरासर बालाजी मंदिर खुलने का समय और सरासर बालाजी मंदिर के नियम के बारे में जानकारी दिए हैं। अगर आप जब भी सालासर बालाजी मंदिर का दर्शन करने जाते हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए कार्यरत साबित हो सकता है। इसके तहत आपको विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त हुई होगी।
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